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RATNA KAMAL: she does not play dolls anymore

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  •  April 16, 2014

 

रविवार की दोपहर को श्रीमती रतना कमल से मिलने का मौका मिला। वे ग्रहणी है, सामाजिक कार्यो में सक्रिय है और राजस्थान यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. के.एल. कमल की पत्नि है। साथ ही वे SHELECTION कैम्पेन की सबसे उम्रदराज प्रतिभागी है।

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नायाब ज्वैलर्स के जे.एल.एन. मार्ग स्थित शोरूम पर जब वे पधारी तो वे ट्रेडिशनल इंडियन वूमन का प्रर्याय दिख रही थी, चेहरे पर उम्र के साथ थोड़ी सी झिझक भी दिखाई पड़ रही थी। मेकअप आर्टिस्ट, फोटोग्राफर, जर्नलिस्ट, असिस्टेटंस – नये चहरे उनको गंभीरता का भाव दे रहे थे और उन्होनें सबसे पहले ये पूछाः- मुझे क्या करना होगा? हमने मुस्कुरा कर जवाब दिया सबसे पहले तो आप आराम से बैठिये, ठंडा पानी पीजिए फिर हम आपका थौड़ा सा मेकअप करेगें, आप से कुछ सवाल पूछेगें और कुछ फोटो भी खिचेगें।
उन्होनें कहाः अरे मुझे अब मेकअप की क्या जरूरत है।
JWB: जरूरत क्यों नही है, मेकअप के बाद आपकी स्माइल और निखर कर आयेगी।

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उनको देखकर आँखों में एक शालिन और बुद्धिमान महिला का प्रतिबिंब आता है जिसने अपने संस्कारों और रीति-रिवाजों को सहेजे रखा, साथ में पत्नि और माँ की जिम्मेदारी को भी बखूबी निभाया है।

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मेकअप की ब्रश उम्र की झुरियों को कम कर रही थी लेकिन इन लकीरों में छुपा अनुभव और परिपक्वता ही चहरें पर विश्वास की चमक लाते है। हल्के से मेकअप के बाद उन्हें एक कागज की कठपुतली मिली जो उनका इस चुनाव के लिए सिंबल है, एक हाथ में तलवार और एक में कलम। कठपुतली को उन्होनें अपने दायें हाथ की अगुंली जिसे इन्डेक्स फिंगर या तर्जनी कहते है में पहन लिया और एक मंद मुस्कुराहट के साथ कैमरे की तरफ देखा, और हमनें इस क्षण को तुरंत कैद कर लिया।

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दुसरे हाथ में पहनने के लिए उन्हें कुछ नायाब अंगुठीयाँ पेश की गयी। उन्हें एक नीले जैमस्टोन वाली अंगुठी तुरंत पंसद आ गई। उम्र के साथ उनकी आँखें पारखी हो गयी है, उन्हें क्या चाहिए, तुरंत चुुुुुन सकती है।

अगुंली में पहनने के बाद उन्होनें कुछ सैकेंड्स के लिए एक टक अपने हाथ को देखा फिर मुस्करा दी। शायद कोई अनुभव याद आ गया होगा।

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अब बताओ क्या सवाल लाये हो?

JWB: इस देश में 49% वोटर महिलाएँ है, उनकी नयी सरकार को चुनने में क्या महत्वता है?
उनके चेहरे के भाव कुछ गंभीर हो गये उन्होनें कुछ देर सोचा फिर कहाः आज लोगों को ये अहसास होने लगा है कि महिलाएँ भी वोटर है और वे 49% है इससे पता लगता है कि महिलाओं में चेतना आने लगी है, यह इस बात का शुभ संकेत है कि हमारा देश आगे बढ़ रहा है। महिलाओं की अपनी शक्ति, बुद्धि और साहस के बल पर आगे बढ़ते रहना है। जब वे नायाब ज्वैलर्स में आयी थी तो कुछ चिंतित लग रही थी लेकिन अब वे सामन्य थी लेकिन पूरे समय एक बार भी उनके सिर से पल्लू नहीं गिरा और न चेहरे से मुस्कान।

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JWB: आपको अगर चुनावी एंजेडा तैयार करने को दिया जाए तो आप पहले नम्बर पर क्या लेगी?
श्रीमती रतना कमलः (अपनी आवाज में दृढ़ंता का भाव लिए वे बोली) ‘‘मेरे लिए तो पहले नम्बर पर ऐसे सुशासन की स्थापना है जिसमें आरक्षण न हो’’। आरक्षण ने देश को तरक्की से बहुत रोका है।

JWB: एक और सवाल
श्रीमती रतना कमलः हाँ पूछियेे!
JWB: अगर आपको प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार से एक सवाल पूछने को दिया जाये तो आप क्या पूछेगीं?
श्रीमती रतना कमलः मैं उनसे पूछूंगी कि अगर वो प्रधानमंत्री बन गये तो उनकी देश के लिए क्या प्राथमिकताएँ होगी?
ये कहते समय उनके चहरे पर जिम्मेदारी के भाव थे, आँखों में चमक थी। वे राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व उप-कुलपति की पत्नि है उन्होनें पति के साथ पूरा विश्व घूमा है, अलग-अलग सभ्यता-संस्कृति के लोगों से मिली है, सवालों की गहराई की उन्हें पूरी समझ है।

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JWB: मेरा अगला सवाल है जयपुर या राजस्थान की वो क्या समस्या है जो आपको लगता है कि चुनाव के बाद प्राथमिकता से पूरी होनी चाहिए?
श्रीमती रतना कमलः मुझे लगता है कि दो चीजें है। एक तो सुरक्षा व्यवस्था को अधिक चाक-चैबंद होना चाहिए, दूसरा पुराने जयपुर का गौरव पुनःस्थापित करने के प्रयास करने चाहिए।

JWB: अपना वोट किसे देना है? यह चुनने के लिए, हमारी महिलाएँ कितनी स्वतंत्र है?
श्रीमती रतना कमलः (उन्होनें गहरी सांस भरी और कहा) देखो शहरी महिलाओं में तो बहुत जागरूकता आ गयी है लेकिन ग्रामिण महिलाएँ अभी भी परिवर्तन से गुजर रही है, उन्हें मदद की जरूरत है।

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वे उठकर कमरें में चहल कदमी करनें लगी तो हमने अगला सवाल पूछा

JWB: महिलाएँ ढेर सारी विद्यायें-कलाएँ जानती है, उन्हें होम मिनिस्टर कहा जाता है। आपको क्या लगता है, होम मैनेजमेंट का कौनसा पाठ इन नेताओं को देश अच्छे से चलाने में मदद कर सकता है?
श्रीमती रतना कमलः (जवाब में उन्होनें अपना बायां हाथ जिसमें सुन्दर नायाब अगुंठी पहनी हुई थी इस तरह से दिखाया मानों घर की नींव दिखाना चाहती थी। हमने इसी पर घर का एक चित्र भी बना दिया फिर वे बोली) एक ही पाठ है, जिस तरह एक जिम्मेदार पत्नि, पति की कमाई को ईमानदारी से घर खर्च में लगाती है उसी तरह जनता की पूँजी को पूरी ईमानदारी से जनहित में लगाओ और देश को पूरी ईमानदारी से चलाओ।

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JWB: (बातों-बातों में अगला सवाल पूछा) आज राजस्थान की राज्यपाल, मुख्यमंत्री और जयपुर की मेयर, सभी महिलाएँ है। महिलाओं के ऐसे पदों पर आने से आम महिला की जिन्दगी में क्या प्रभाव पडे़गा?
इस समय उनकी उंगलियाँ कठपुतली की तलवार की धार देख रही थी
श्रीमती रतना कमलः महिलाओं को इतने उच्च पदों पर आसिन होते देख आम महिला को प्रेरणा मिलती है। उन्हें लगता है कि मैं भी कर सकती हूँ। उनका उत्साह बढ़ता है और वे आगे बढ़ने के लिए और भी ज्यादा मेहनत करती है।

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JWB: (अब मौका था महिला वोट के प्रतीक का हमने उनसे पूछा कि) देश की 49% वोटरों के लिए, जो कि महिलाएँ है उन्होनें क्या प्रतीक चुना है?
श्रीमती रतना कमलः (उन्होनें उंगली आगे बढ़ायी और कहा) महिला वोट का प्रतीक शक्तिशाली, क्रांतिकारी महिला ही हो सकती है जिसके एक हाथ में तलवार हो और दुसरे में कलम यानि शक्ति और ज्ञान से ही महिलाओं का कल्याण होगा।
श्रीमती रतना कमलः अब और पूछो क्या पूछना है?
वे अब भी ऊर्जावान दिख रही थी।

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JWB: बस अब तो आपके साथ एक कप चाय पीनी है।
श्रीमती रतना कमलः तो चलो चाय पीते है। (वे मुस्कुराई और कुर्सी पर आराम से बैठ गयी)

Read about Shelection Campaign.

We thank Mr. Vinod Singh Gusain for catching every intimidating moment in his lenses. Visit his page to see the photography art.

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